अनपढ़ बिहारी
यह तस्वीर बिहार के एक छोटे से शहर सीतामढ़ी की है. इन चेहरों को आपने अपने-अपने शहरों में पहले भी देखा होगा। कभी रिक्शा चलाते हुए तो कभी मज़दूरी करते हुए. इन्होने भी आपको देखा है…. सेहम कर आंखे नीचे किये जब आपने कभी अपनी गाड़ी का शीशा नीचे कर के गाली देते हुए इनसे कहाँ होगा "ओये बिहारी ठीक से चलाना नहीं आता क्या?" अपनी मुठ्ठी में सारा गुस्सा दबाये ये खून का घुट पी कर अनसुनी करके आगे बढ़ जाते हैं। इन्होने आपकी बातें भी सुनी आपके ताने भी सुने। और जिस हक़ से लोग बिहारी को judge कर देते है ऐसा लगता है आप लोगो से ज्यादा करीब से कोई नहीं जानता होगा इन्हे। दिल्ली में आमतौर पर बेवक़ूफ़ को उपहास में बिहारी कहा जाता है , आइये आज हम आप लोगो को इन बेवकूफों और अनपढ़ो की बातें सुनाते हैं। “हो ई सुशांत सिंह वाला मामला लगता है ठंडा पड़ रहा है, हमको नहीं विश्वास है की इसको न्याय मिलेगा ” “दूर आजतक कभी ई पैसा वाला के सजा हुआ है, ई देस में गरीब के लेल सब कानून है. तुहे बतावा आज तक उ जे हीरो है जे गाड़ी से उड़ा दिया था कुछो हुआ उसको? आप थोड़ा सा खरोंच मार दीजिए न जान लेलेगा लेक...